बिलासपुर: कलेक्टर ने बैंक अफसरों से कहा- संदिग्ध लेनदेन पर नजर रखें… पेट्रोल पंपों में 2 हजार लीटर पेट्रोल और 2.50 हजार लीटर डीजल रिजर्व स्टाक रखने का आदेश… पढ़िए बिलासपुर की पांच बड़ी खबरें…

बिलासपुर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. संजय अलंग ने आज मंथन सभाकक्ष में बैंकए रेलवेए इनकम टैक्स, डाक विभाग और आबकारी विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने लोकसभा निर्वाचन में अभ्यर्थियों द्वारा बैंक से वित्तीय लेनदेन के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारी संदेहास्पद जमा और निकासी पर लगातार नजर रखें। एक खाते से दूसरे खाते में कैश के बल्क ट्रांसफर पर भी विशेष ध्यान दें। यदि बैंक अधिकारियों को कोई ट्रांजेक्सन संदिग्ध लगे तो इसकी सूचना तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय को दें।

यदि अभ्यर्थी के खाते से एक लाख से अधिक का ट्रांजेक्सन होता है तो इसकी भी सूचना जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराएं। यदि खाते में 10 लाख रुपए से उससे अधिक रकम नगद जमा हो तो उसकी सूचना आयकर विभाग के अधिकारियों को भी दें। यदि कोई व्यक्ति 50 हजार रुपये से अधिक की नगदी के साथ परिवहन करता है तो उसे उस राशि के वैध दस्तावेज साथ में रखने होंगे। लोकसभा निर्वाचन के अभ्यर्थियों को बैंकों में नया खाता खोलना होगा। अभ्यर्थी द्वारा निर्वाचन से संबंधित सभी खर्चे उसी खाते से किए जाएंगे। डॉ. अलंग ने आबकारी विभाग के अधिकारियों को निर्वाचन अवधि में मदिरा के अवैध परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये। बैठक में अपर कलेक्टर बीएस उइके, सहायक कलेक्टर कुणाल दुदावत, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।

पेट्रोल पंपों में 2 हजार लीटर पेट्रोल और 2.50 हजार लीटर डीजल रिजर्व स्टाक रखने का आदेश

बिलासपुर। कलेक्टर एवं अनुज्ञापन प्राधिकारी बिलासपुर डॉ. संजय अलंग ने जिले के समस्त अनुज्ञप्ति धारी पेट्रोल व डीजल पंप संचालकों को आदेश दिया है कि लोक सभा निर्वाचन 2019 के आचार संहिता लागू रहने के अंतिम दिवस तक अपने पेट्रोल पंपों में डेड स्टाक को छोड़कर 2 हजार लीटर पेट्रोल और 2500 लीटर डीजल का रिजर्व स्टाक यथा समय उपलब्ध रखें। अन्यथा आदेश पर्यन्त उक्त मात्रा का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। 

शासकीय रेस्ट हाउस, सर्किट हाउस में चुनाव प्रचार के लिए नहीं ठहर सकेंगे राजनैतिक दल के प्रतिनिधि

बिलासपुर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशानुसार जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील होने के फलस्वरूप कोई भी राजनैतिक दल के व्यक्ति, मंत्री, सार्वजनिक उपक्रमों के पदाधिकारी आदि शासकीय अथवा अर्धशासकीय विश्राम भवनों, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस, छत्तीसगढ़ भवन आदि में चुनाव प्रचार-प्रसार अथवा राजनैतिक उद्देश्य से न ही ठहर सकते हैं न ही वहां पर राजनैतिक गतिविधियां कर सकते हैं। पात्रतानुसार और उपलब्ध रहने पर उन्हें निर्धारित राशि जमा कर इन भवनों में कक्ष उपलब्ध कराया जा सकता है। 

एक व्यक्ति को अधिकतम 48 घंटे के लिए ही रेस्टहाउस, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस का आरक्षण किया जाएगा। कक्ष आरक्षण की दशा में 3 से अधिक वाहन लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मतदान समाप्ति के पूर्व 48 घंटे की अवधि में किसी भी राजनैतिक दल के व्यक्ति, मंत्रीगण को इन भवनों में आरक्षण नहीं दिया जाएगा। इन भवनों में कक्ष आरक्षण जिला मुख्यालय में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बिलासपुर और अनुविभागीय मुख्यालयों में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा अन्य स्थानों पर तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी द्वारा किया जाएगा। 

कक्ष आरक्षण में पहली प्राथमिक निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक को दी जाएगी। इसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं उनके कार्यालय के अधिकारी तथा निर्वाचन कार्य से संबधित अन्य अधिकारी को कक्ष आरक्षित किया जाएगा। इसके उपरांत कक्ष उपलब्ध रहने पर अन्य व्यक्तियों को प्रक्रिया अनुसार आवंटित किये जा सकेंगे। यह प्रतिबंध निर्वाचन प्रक्रिया समाप्ति तक संपूर्ण जिले में प्रभावशील रहेगा।

लाइसेंसी शस्त्रों को थानों में जमा कराने का आदेश

बिलासपुर। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. संजय अलंग द्वारा बिलासपुर जिले में आदर्श आचरण संहिता के अंतर्गत दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है।  उन्होंने जिले  की सीमा में निवासरत शस्त्र लायसेंसियों के लायसेंसी हथियार एवं कारतूस, मैग्जीन, बारूद आदि को संबंधित थाने के थाना प्रभारी द्वारा अनिवार्य रूप से जमा कराने का आदेश दिया है। इस आदेश का क्रियांन्वयन का उत्तरदायित्व संबंधित थाना प्रभारियों का होगा। बैंक के सुरक्षा गार्डो को शस्त्र जमा कराने से छूट होगी। यह आदेश 24 मई 2019 तक प्रभावशील रहेगा। इसके बाद 25 मई तक थाना प्रभारी लाइसेंसधारियों को उनके शस्त्र वापस करायेंगे।

ध्वनि विस्तार यंत्रों पर प्रतिबंध 

बिलासपुर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बिलासपुर द्वारा जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जाना या करवाया जाना पूर्ण रूप से निषिद्ध कर दिया गया है। चुनाव प्रचार करने के लिए वाहनों पर एवं चुनावी सभाओं में प्रातः 6 से रात 10 बजे तक साधारण किस्म एवं मध्यम आवाज के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से किए जा सकेंगे। लेकिन शैक्षणिक संस्थाओं तथा चिकित्सालय, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालय, छात्रावास, नगरपालिका परिषद, जनपद पंचायत एवं किसी अन्य स्थानीय निकाय कार्यालय, बैंक, पोस्ट आफिस, दूरभाष केंद्र आदि से 200 मीटर के दूरी के भीतर सामान्य स्थिति में भी पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।

लोक परिशांति को दृष्टिगत रखते हुए लंबे चोंगे वाले लाउड स्पीकर का प्रयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही चुनावी सभाओं एवं वाहनों में एक से अधिक लाउडस्पीकर समूहों में लगाया जाना भी प्रतिबंधित किया गया है। चुनावी सभाओं एवं चुनाव प्रचार के उद्देश्य से वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने के लिए जिला मुख्यालय में अनुविभागीय दण्डाधिकारी बिलासपुर एवं अन्य अनुविभाग मुख्यालयों में संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील मुख्यालय में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी तथा उप तहसील मुख्यालय में अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी से लिखित पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

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