बिलासपुर: खाकी वर्दी की संवेदना को सलाम… सामाजिक बहिष्कार पीड़ित परिवार की एक सदस्य की मौत… गांववालों ने कांधा देने से कर दिया इनकार… पुलिस ने किया अंतिम संस्कार…

बिलासपुर।

  • सामाजिक बहिष्कार के शिकार परिवार की एक सदस्य की मौत हो गई। सजा देने वाले समाज के रखवालों ने शव को कांधा देने से इनकार कर दिया। शुक्र है कि कोटा पुलिस पहुंच गई और संवेदना का परिचय देते हुए शव का अंतिम संस्कार किया।
  • जानकारी के अनुसार रविवार को शिवतराई निवासी एक वृद्ध की मौत हो गई। परिजनों ने कफन-दफन के लिए गांव वालों से सहायता मांगी। मदद करना तो दूर, कोई उस शव को देखते तक नहीं आया। इसके पीछे कहानी शर्मसार करने वाली है।
  • दरअसल, गांव वालों को शक था कि इस परिवार की लड़की दूसरी जाति के लड़के से प्रेम करती है। इसलिए समाज के रखवालों ने सामाजिक बहिष्कार की सजा सुना दी। सामाजिक बहिष्कार की सजा भुगतते हुए जैसे-तैसे परिवार के लोग जिंदा थे।
  • कुछ दिन पहले घर की बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब हो गई। इलाज का कोई फायदा नहीं हुआ और बृद्धा चल बसी। सामाजिक बहिष्कार की सजा होने के कारण गांव कोई भी उसके घर नहीं आया।
  • सूचना मिलने पर एसडीओपी अभिषेक सिंह और टीआई कृष्णा पाटले पुलिस कर्मियों के साथ पहुंचे। साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका शुक्ला सखी सेंटर की कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गई। इन्होंने पीड़ित परिवार की आपबीती सुनी।
  • फिर पुलिस ने खुद ही अर्थी सजाई और शव को कांधा देते हुए श्मशान घाट तक गए। वहां रीति-रिवाज के साथ वृद्धा का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने पीड़ित परिवार को सामाजिक बहिष्कार के मामले में न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।

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