छत्तीसगढ़: आईपीएस जितेंद्र शुक्ला के समर्थन में खड़े हुए पूर्व सीएम अजीत जोगी… जानिए क्या कहा…

रायपुर। सुकमा के पूर्व एसपी जितेंद्र शुक्ला के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी खड़े हो गये हैं। उन्होंने राज्य सरकार की निंदा करते हुए ट्रांसफर उद्योग को बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर तबादले अच्छे संकेत नहीं दे रहे हैं।

जोगी ने कहा कि सामान्यत: जब चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन होता है तो अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण करना एक स्वाभाविक प्रक्रिया होती है। हर बात की एक सीमा होती है और सीमा को लांघकर अनावश्यक रूप से अधिकारियों कर्मचारियों को बारबार स्थानांतरण करना अच्छा प्रशासन और शासन प्रतीत नहीं होता।

उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ राज्य में नई सरकार आने के बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यापक स्थानांतरण करके अनावश्यक मुसीबतों में डाला जा रहा हैयह दुर्भाग्यपूर्ण है। सोच समझकर जितने स्थानांतरण विभाग में आवश्यक होते हैं उन्हें हरसंभव एक ही आदेश के द्वारा कार्यान्वित किया जाना चाहिये। अजीत जोगी ने कहा कि  छत्तीसगढ़ में लगभग हर विभाग में बहुत बड़ी संख्या में स्थानांतरण हुये है जो प्रशासनिक दक्षता को प्रदर्शित नहीं करता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि  सुकमा के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला का स्थानांतरण दो महिने में ही कर देना निंदनीय है क्योंकि यह बताया जा रहा है कि मंत्री की इच्छा के अनुसार थानेदार का स्थानांतरण करने के लिये उनका ही ट्रांसफर कर दिया गया। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने प्रसिद्ध ‘‘प्रकाश सिंह” मुकदमें में पुलिस विभाग के अफसरों की ट्रांसफर नीति तय कर दी है।  पुलिस एक्ट और प्रकाश सिंह मुकदमें के फैसले के अनुसार सामान्यतया दो वर्ष के पहले पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए। राज्य शासन और पुलिस प्रशासन को इसका कड़ाई से पालन करना चाहिए।

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