छत्तीसगढ़: हत्या करने पहुंचा था घर… युवक नहीं मिला तो मां के सामने दागी गोलियां… मप्र के आदतन अपराधी के पास से लाई थी बंदूक… पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे…

भिलाई।

  • भिलाई के सुपेला में रविवार देर रात गोलियां दागकर दहशत फैलाने वाले आरोपी को पकड़ लिया गया है। पूछताछ में उससे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसने एक युवक के घर इसलिए गालियां दागी थीं, क्योंकि उसने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत की थी। बंदूक और गोलियां वह मप्र के इनामी अपराधी से लेकर आया था, जिससे मुलाकात उसकी जेल में हुई थी।
  • वीरेंद्र नाई को सुपेला इलाके का नामी बदमाश बताया जा रहा है, जिस पर पहले से ही 13 मामले दर्ज हैं। असलम से वीरेंद्र इस बात से खफा था कि उसने उसकी शिकायत पुलिस में कर दी थी। वह रविवार रात असलम के घर पहुंचा, लेकिन वो घर में मिला नहीं। असलम की मां को धमकी देते हुए आरोपी ने फायरिंग कर दी।
  • पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए घेराबंदी करते हुए 6 घंटे के भीतर पुलिस उसे दबोच लिया। वीरेंद्र नाई से जब्त किए गए पिस्टल और जिंदा कारतूस के संबंध में पुलिस ने पूछताछ की तो वीरेन्द्र ने जेल में हुई मुलाकात के साथी गज्जू से मिलना बताया। पुलिस ने गज्जू को हिरासत में लेकर जब उससे पूछताछ की तो गज्जू के पास से भी 5 जिंदा कारतूस और 7 खाली कारतूस बरामद हुए।
  • आरोपी गज्जू ने इस जखीरे को मामले के अन्य आरोपी दीपक शिवहरे से मिलना बताया। पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए जब दीपक को हिरासत में लिया, तब जो खुलासा हुआ, उससे पुलिस की भी आंखें फटी रह गई। दीपक से पुलिस ने 315 बोर के 25 जिंदा कारतूस के साथ मिलिट्री पट्टा बरामद किए हैं, जिसे दीपक शिवहरे ने चित्रकूट जिला सतना (मध्यप्रदेश) से लाना बताया।
  • आरोपी ने बताया कि वो मध्यप्रदेश के चित्रकूट थाने के नवल डकैत गैंग का सदस्य है, जिसने अपहरण और डकैती जैसी कई घटनाओं को अंजाम दिया है। एक मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों के गिरफ्तार हो जाने के बाद यह फरारी काटने भिलाई में 2013 से आकर रहने लगा।
  • उसी दौरान इसने आरोपी गज्जू की बहन से शादी कर ली और हमाल का काम करने लगा। कार्य के दौरान बीचबीच में गुजरात भी जाकर रहने लगा। 2017-18 में भी घटना को अंजाम दिया और वहीं से हथियारों का जखीरा लेकर भिलाई आया और गज्जू वीरेन्द्र नाई के साथ किसी लूट की बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में थे।
  • दीपक उर्फ शिवा पर मध्यपदेश के सतना पुलिस ने 20 हजार रुपए का इनाम भी रखा था। डकैत गैंग के सदस्य को पडकने में पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है। अगर आरोपी पकड़े नहीं जाते तो किसी हत्या और लूट जैसी बड़ी वारदातों को अंजाम दिया जा सकता था। बहरहाल पुलिस ने इस सभी आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।

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