शाबास दुर्ग पुलिस: प्रेमिका की हत्या कर बन गया साधु… जगह-जगह घूम-घूमकर सुनाता था भागवत कथा… मोबाइल में की एक गलती और मप्र में पकड़ा गया… पुलिस ने ऐसे की पहचान…

दुर्ग।

  • दुर्ग पुलिस ने साधु के वेष में एक हैवान को गिरफ्तार किया है। इसने 5 साल पहले अपनी प्रेमिका की हत्या की और फिर भागकर इलाहाबाद में साधु बन गया और घूम-घूमकर भागवत की कथा सुनाया करता था, लेकिन मोबाइल पर की गई एक गलती से वह अब सलाखों के पीछे है। 
  • दुर्ग के एडिश्नल एसपी विजय कुमार पांडेय ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया।  18 अक्टूबर 2013 को भिलाई के रामनगर में एक युवती की लाश मिली थी, जिसकी पहचान कोरिया की रीता साहू के रूप में हुई थी। आरोपी का नाम सुशील दुबे बताया जा रहा था, जो घटना के बाद से ही फरार था।

  • शुरुआती दौर में मामले की जांच ठंडी होती जा रही थी, लेकिन पिछले दिनों एसपी संजीव शुक्ला ने एक बार फिर इस मर्डर मामले की नए सिरे से जांच के आदेश दिए। एसपी संजीव शुक्ला ने आरोपी की मौजूद तस्वीर के स्कैच दाड़ी-मूंछ के साथ कराई और उसकी नई तस्वीर और नई पहचान के साथ तलाशी के निर्देश दिए।
  • दरअसल, हुआ ये था कि आरोपी सुशील दुबे का परिवार इलाहाबाद से था और सुशील के पिता की इलाहाबाद के साधुओं के साथ करीबी से पहचान थी। लिहाजा, एसपी संजीव शुक्ला ने उसी आधार पर एएसपी विजय पांडेय के निर्देशन में इस मामले का इलाहाबाद कनेक्शन जोड़कर आरोपी की तलाश शुरू करने का निर्देश दिया।
  • चुनौतियां ये थी कि प्रयाग संगम पर हजारों साधुओं की भीड़ में सुशील दुबे की पहचान कैसे की जाए। ऐसे में पुलिस ने सुशील के परिवार के पास आने वाले फोन कॉल को ट्रैकिंग का फैसला लिया। पुलिस को कॉल ट्रैकिंग के आधार पर ये जानकारी मिली की कि किसी हनुमानदास महाराज के नाम से लगातार फोन कॉल आया करता था।
  • पुलिस और क्राइम  ब्रांच की टीम ने इस आधार पर इलाहाबाद में तलाश शुरू की। जल्द ही हनुमानदास महाराज नाम के साधु का पता चल गया। तलाशी के दौरान हुलिया सुशील दुबे से मिलता जुलता नजर आया। आरोपी  नाम और हुलिया बदलकर जगह-जगह भागवत कराया करता था।
  • पुलिस को पता चला कि मध्यप्रदेश के रामकुंड के पास भागवत चल रहा है, जिसमें ये साधु आया हुआ है। पुलिस की टीम उसी भागवत में पहुंची और फिर उस पर करीबी नजर रखने लगी। पुलिस को जब पूरा शक हो गया कि हुनमानदास महाराज ही सुशील दुबे है तो भागवत खत्म होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

  • इस दौरान पुलिस ने विजय दुबे के हाथों में रीता साहू के नाम पर बने टैटू के आधार पर भी उसकी पहचान कराई। आरोपी साधु ने गिरफ्तारी के बाद अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि उसका संबंध मृतका रीता साहू से था।
  • विजय दुबे को  इस बात का शक था कि रीता का शारीरिक संबंध अन्य मर्दों के साथ भी है। लिहाजा, एक दिन दोनों ने जमकर शराब पी और फिर शराब के नशे में ही रीता की हत्या विजय ने कर दी और फिर लाश को फेंककर फरार हो गया।
  • घटना को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी सुशील दुबे अपना हुलिया बदलकर साधुओ के साथ रहने लगा था। वो साधुओं के साथ रहकर सागर दमोह, छतरपुर में भागवत कथा करने लगा था।

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